Tuesday, 2 September 2014


आप का मुहबतों  ब्लॉग पर स्वागत है :- 

मुहबतें सिर्फ दिलों का मिलन  ही नही है वरन  आपसी   सुभावनाओं  का अनुपम मिलन है  और ये मिलन दो नौजवानों ( पुरुष /महिला ) की प्रेम कहानी नही है, बल्कि विचारों , सद्भावनाओं ,परस्पर श्रद्धा ,और मानवता का आलौकिक  मिलन है जो कही भी सन्मति  से बनता है - प्रेम प्रसंग बनते है/बिगड़ते है फिर बनते है और टूट जाते है परन्तु आत्मीयता से पनपी मानवता से ओत -प्रोत  मुहब्ते  सदैव  जीवित रहती है -----.,

आगे फिर :-

 निवेदक:-
सुनीतामृत शर्मा 
किंगल -कुमारसैन:-



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