आप का मुहबतों ब्लॉग पर स्वागत है :-
मुहबतें सिर्फ दिलों का मिलन ही नही है वरन आपसी सुभावनाओं का अनुपम मिलन है और ये मिलन दो नौजवानों ( पुरुष /महिला ) की प्रेम कहानी नही है, बल्कि विचारों , सद्भावनाओं ,परस्पर श्रद्धा ,और मानवता का आलौकिक मिलन है जो कही भी सन्मति से बनता है - प्रेम प्रसंग बनते है/बिगड़ते है फिर बनते है और टूट जाते है परन्तु आत्मीयता से पनपी मानवता से ओत -प्रोत मुहब्ते सदैव जीवित रहती है -----.,
आगे फिर :-
निवेदक:-
सुनीतामृत शर्मा
किंगल -कुमारसैन:-

good thinking
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